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नव नालन्दा महाविहार समविश्वविद्यालय का हिन्दी विभाग साहित्यिक उत्कृष्टता के साथ- साथ सांस्कृतिक और भाषाई विविधता के अध्ययन के लिए प्रतिबद्ध है और छात्रों और शिक्षकों की बहुआयामिता को संपोषित करता है। हम बहुवचनात्मकता का सम्मान एक आवश्यक और साझा बौद्धिक मूल्य मानते हैं। हम भाषा का अध्ययन, मानुषिकता को आधार बना कर एक दूसरे को समझने , कल्पनाशीलता को पल्लवित करने का कार्य करते हैं। न्यायशीलता एवं सामान्य मनुष्य के पक्ष में भाषाओं की शक्ति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि करते हैं।

हिन्दी भाषा व साहित्य के माध्यम से विविध अंतःविषयों तक विद्यार्थी अपनी ज्ञानात्मक सम्वेदना ले जाते पाते हैं। लोक, फिल्म- अध्ययन, भारतीय भाषा और साहित्य- अध्ययन , स्थानिक अध्ययन, उपभाषा, बोली , लिंग, विविध विमर्श, संस्कृति- अध्ययन आदि से हिन्दी भाषा व साहित्य के अध्ययन को समृद्ध करने का महत् उपक्रम है। यह मानुषिकता को जोड़ना है: यह पता लगाना कि संस्कृतियाँ कैसे परस्पर क्रिया करती हैं । यह भी कि प्रत्येक संस्कृति दुनिया के अपने अनुभव को कैसे समझती है।

हिन्दी भाषा एवं साहित्य में करियर की असंख्य सम्भावनाएँ हैं। नव नालन्दा महाविहार सम विश्वविद्यालय में हिन्दी भाषा- साहित्य का नया सीबीसीएस पाठ्यक्रम समस्त साहित्यिक दृष्टियों का समाहार है : प्राचीन, मध्यकालीन, आधुनिक, समकालीन, रचनात्मक, समालोचनात्मक , काव्यशास्त्रीय। इसीलिये विद्यार्थियों की रुचि एवं जीविका : दोनों को हिन्दी विभाग आधार बना कर चलता है। हिन्दी विभाग अकादमिक और वैयक्तिक- सामाजिक : दोनों रूपों से समुन्नति का हेतु है। विभाग के आचार्य और विद्यार्थी एक ऐसा वातावरण बनाते हैं जो बहुविध विकास को प्रोत्साहित करता है। भारतीय व विदेशी स्नातक छात्र हिन्दी सीख कर अपनी नई दृष्टि विकसित करते हैं। परास्नातक के विद्यार्थी लिखने, बोलने, पढ़ने व समझने में विज़न अर्जित करते हैं। पीएच.डी. उपाधि हेतु अनुसंधित्सु छात्र सोच और शोध संबंधी सकारात्मक प्रभाव लेकर चलते हैं तथा नवाचारपरकता को आधार बनाते हैं। अंतरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस , राजभाषा हिन्दी पखवाड़ा, विश्व हिन्दी दिवस, साहित्यकारों की जयन्तियाँ, अंतरभाषाई सेतु, लोक उपक्रम , कविता- पाठ, व्याख्यान- शृंखला, अनुवाद, भारतीय साहित्य आदि पर आयोजन हिन्दी विभाग के प्रमुख आकर्षण हैं।